सर्वज्ञ ग्यानी समझता था स्वयं को रावण, नहीं पसंद थी किसी की भी सीख

इस संसार में मनुष्य होने के नाते हमें कभी किसी को कमतर नहीं समझना चाहिए. समय और स्थिति कभी भी […]

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महर्षि दधीचि, राजा बलि और महाबली कर्ण तीनों थे महादानी, पर तीनों में सबसे बड़े दानी हैं ये..

इस जीवन में जो इंसान महान कार्य करके जाता है, उसका सिर्फ मनुष्य ही नहीं बल्कि मानवता और ब्रह्माण्ड सभी […]

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माता शबरी इसलिए वर्षों से प्रतीक्षा कर रही थीं भगवान श्रीराम की

रामायण में प्रसंग है कि माता शबरी अपने गुरु के कहने पर वर्षों भगवान श्रीराम की साधना में लगी रही। […]

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सिर्फ भारतवर्ष के नहीं बल्कि दुनियाभर के राजाओं ने भाग लिया था महाभारत के युद्ध में

वो युद्ध सत्ता के लिए नहीं था, लेकिन फिर भी मध्य में सत्ता थी. वो युद्ध अधर्मियों से था, लेकिन […]

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जब दुष्ट व्यक्ति की संगति से सन्यासी का जीवन बना गया नरक

धार्मिक शास्त्रों में कहा गया है कि दुष्ट व्यक्ति से सदैव दूरी बनाकर रखना चाहिए। क्योंकि दुष्ट व्यक्ति को कितनी […]

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एक कथा के अनुसार जामवंत जी थे, हनुमानजी के मामा

जामवंतजी बहुत विद्वान थे। वेद-उपनिषद् उन्हें कण्ठस्थ थे। परशुरामजी और हनुमानजी के बाद जामवंत का तीनों युग में होने का […]

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