एनसीसी रैली में पी एम मोदी का एलान, जो हमें छेड़ता है, हम उसे छोड़ते नहीं..

हालांकि अब मुश्किल समय काफी हद तक पार हो गया है, कोरोना की वैक्सीन भी आ चुकी है, और जिंदगी पटरी पर लौट रही है. लेकिन हम बीते हुए दौर को भूल नहीं पायेंगे. और उस कठिन समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह समय समय पर देश की जनता की हौसला अफजाई की वो काबिले तारीफ़ है. और अभी भी बदस्तूर उनके कार्यक्रम चल रहे हैं. इसी क्रम में आज पी एम मोदी ने दिल्ली में आयोजित नैशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) रैली में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया. इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि ‘जब भी मैं आपके साथ बातचीत करने के लिए आता हूं तो अतीत की कई यादें उभर आती हैं. यह दिन जो आज आप जी रहे हैं, मुझे भी इन क्षणों को जीने का अवसर मिला है.’ इसके साथ ही पीएम मोदी ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, ‘आप यहां देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए हैं. आपमें से सभी अलग-अलग पृष्ठभूमि से हैं. मुझे आप सभी के परिश्रम का एहसास है. मैं आपको सिर्फ यही कहूंगा कि यही परिश्रम हमें समर्थ बनाता है. आपके ही अनेक साथियों ने, हाल ही में अद्भुत हौसला दिखाते हुए पर्वतारोहण और ट्रेकिंग जैसी साहसी गतिविधियां हों या फिर खेल के मैदान में तिरंगा लहराने का काम करके देश को गौरव के पल दिए हैं.

अपने भाषण में आगे पी एम मोदी ने कहा ‘हमारी सेना ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि हम छेड़ते नहीं है लेकिन किसी ने हमें छेड़ा तो हम छोड़ते भी नहीं हैं. हम शांति के प्रबल समर्थक हैं लेकिन राष्ट्र रक्षा में हम कोई भी कदम उठाने से चूकेंगे नहीं. यही कारण है कि बीते साढ़े चार वर्षों में देश की रक्षा और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए गए.’ प्रधानमंत्री ने ये भी कहा, कि ‘भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हुआ है, जिसके पास जल, थल और नभ से परमाणु हमले और आत्मरक्षा करने की क्षमता है. आप सभी युवा साथियों को आश्वस्त करता हूं कि आने वाले समय में हर वह बड़ा और कड़ा फैसला लिया जाएगा जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए जरूरी है. यदि राष्ट्र सुरक्षित रहेगा तभी युवा अपने सपने साकार कर पाएगा.’

मोदी जी ने अपने भाषण की शुरुआत में ही कैडेट्स की खूब तारीफ़ की, और कहा कि, आप सभी ने बीते वर्ष ने अनेक महत्वपूर्ण कदमों के साथ खुद को जोड़ा. विशेष तौर पर केरल में आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में एनसीसी के कैडेट्स का योगदान बहुत सराहनीय है.