भव्य होगा राम मंदिर का स्वरूप, नक़्शे में हुए हैं कुछ बदलाव

अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर की प्रतीक्षा पूरे देश के लोग कर रहे हैं. और अब बहुत जल्द इस पर अमल होना शुरू हो जाएगा. 5 अगस्त को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में भूमि पूजन के बाद मंदिर निर्माण का कार्य तेज़ी से शुरू हो जाएगा. भूमि पूजन के इस कार्यक्रम में, साधु संतों के अलावा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और विश्व हिन्दू परिषद, आदि के पदाधिकारियों समेत लगभग 250 लोग शामिल होंगे. इनमें प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं. शनिवार, 18 जुलाई अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बैठक में राम मंदिर के निर्माण कार्य के लिए पहले से निर्धारित नक़्शे में कुछ बदलाव भी किये जाने पर भी सहमति बनी है. जो इस प्रकार हैं.

अब मंदिर में 3 की जगह 5 गुम्बद होंगें.

पहले प्रस्तावित मॉडल की ऊंचाई लगभग 138 फुट थी, जिसको बढ़ाकर 161 फुट तक किया जायेगा .

मंदिर की लम्बाई उतनी ही रहेगी, जितनी पहले से तय थी, लेकिन गर्भगृह के पास कुछ ऊँचाई बढ़ जायेगी.

मंदिर के लेआउट के अनुसार पहले ये आयताकार के आकार में था, अब आर्किटेक्ट के हिसाब से उसमे भी बदलाव किया जायेगा.

मंदिर का आकार पहले 313×149 फुट था, जो अब 344×235 फुट होगा.

शिखर की चोटी की ऊँचाई को भी 138 फुट से बढ़ाकर 161 फुट तक किया जाएगा. और मंदिर का क्षेत्रफल भी आकार के अनुसार बढ़ेगा.

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मंदिर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पत्थर भी अब पहले से भिन्न होंगे. पत्थर की मात्रा पहले 2,43,000 घन फुट की थी, जो अब नए मॉडल के मुताबिक़ 3,75,000 घन फुट होगी.

इसके अलावा राम जन्मभूमि परिसर में ज़मीन के समतलीकरण का काम तो पहले से ही चल रहा है, जो अब लगभग पूरा हो गया है. भूमि पूजन के बाद अब जल्द से जल्द मंदिर निर्माण का काम शुरू हो जाएगा, ताकि निर्धारित समय के अनुसार राम मंदिर बनकर तैयार हो सके.