लगभग 500 साल बाद अयोध्या में मनाई जाएगी दीवाली, जलाए जायेंगे 5 लाख 51 हज़ार दिए

भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या दुल्हन की तरह सज रही है. ख़ुशी के कई मौके हैं. एक तो श्री राम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले की सालगिरह है. और दूसरा अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण जोर शोर से चल रहा है. और तीसरा मौका है दीपावली के त्यौहार का. और अयोध्या में लगभग 500 साल बाद ये त्यौहार इतनी धूमधाम से मनाया जायेगा. क्योंकि अब इस नगर में पूरी तरह रामराज्य की परिकल्पना दिखाई दे रही है. आखिर लम्बी प्रतीक्षा के बाद ये घड़ी आई है. और जो भी राम भक्त खुशी के इस अवसर को पूरी तरह जीना चाहते हैं, वो भी इस साल अपने आराध्य की जन्मभूमि पर वर्चुअल रूप से ही सही पर अपनी आस्था के दीप जला सकेंगे.

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11 से 13 नवम्बर के बीच दीपावली का त्यौहार है. पूरी अयोध्या इसकी तैयारियों में जुटी है. जहां देखो काम हो रहा है. रामनगरी की सीमा में घुसते ही तोरणद्वारों का क्रम शुरू हो जाता है. रामायण के प्रसंगों के अनुसार इनकी सजावट को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसमें से कुछ तो अलग-अलग फूलों से सजाए जाएगे. दीपोत्सव के दौरान अयोध्या को पूरी तरह रौशन करने के लिए हर खंभे, हर पुल, गली, मोहल्ले, चौराहों, घाट और मन्दिरों की भव्य लाइटिंग की जा रही है. दीपावली के दिन दोपहर तीन से रात के आठ बजे तक चलने वाले सभी कार्यक्रमों का बड़ी-बड़ी स्क्रीन और स्क्रीन लगे वाहनों से सीधा प्रसारण होगा. और पूरे देश और दुनिया के रामभक्त इस खुशी में शामिल हो सकेंगे.

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इस बार योगी सरकार का अयोध्या में यह चौथा दीपोत्सव है. और इस बार भी दीपक जलाने के मामले में रिकॉर्ड बनाने और दोगुने उत्साह के साथ मनाने की तैयारी है. कोविड 19 के दिशानिर्देशों के अनुसार उनका पूरी तरह पालन किया जायेगा, और अयोध्या में इस बार 5 लाख 51 हजार दिये जलाकर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा. बड़ी बात ये है कि, अयोध्या वासी इस बार अपना ही बनाया हुआ रिकॉर्ड तोड़ने जा रहे हैं, यानी पिछले साल गिनीज बुक में दर्ज 414 लाख दीप जलाने के रिकॉर्ड को अब पांच लाख 51 हज़ार दिए जलाकर नए रिकॉर्ड में बदल दिया जायेगा. और ये अहम ज़िम्मेदारी अवध विश्व विद्यालय के छात्र-छात्राओं को दी गई है.