अच्छी खबर है…सितम्बर से शुरू हो जायेगा श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य

अब बहुत जल्दी वो सपना साकर होने वाला है जो सालों साल से पूरी दुनिया के राम भक्त देख रहे थे. अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए जन्मभूमि परिसर में बड़ी बड़ी मशीनें पहुँच गईं हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्र की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार एल एंड टी कंपनी की कई मशीनें मंदिर परिसर में पहुंच चुकी हैं, और कई बड़ी मशीनें अयोध्या आने के लिए रास्ते मे हैं जो 1 सितम्बर तक पहुंच जाएंगी. आगे बात करते हुए उन्होंने कहा कि, पूरी उम्मीद है श्रीराम मंदिर का नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण से मिलते ही सितम्बर के पहले हफ्ते में राम मंदिर की नींव की खुदाई का काम और निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा, जो एल एंड टी कंपनी द्वारा किया जा रहा है.जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य के लिए प्राचीन मंदिरों के विग्रह को सुरक्षित रखा गया है.

मंदिर के पांच एकड़ क्षेत्र से सटे हुए सीता रसोई, जन्म स्थान, साक्षी गोपाल मंदिर, कोहबर भवन व मानस भवन के आधे हिस्से को गिराया जा रहा है. जिसमें से जन्म स्थान सीता रसोई मंदिर को गिराया जा चुका. है बाकी को भी जल्द गिरा दिया जाएगा. हालांकि इनमें से कई तो लगभग साल पुराने हैं, लेकिन इनकी हालत काफी जर्ज़र हो गई थी. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक जिन प्राचीन मंदिरों को गिराया गया है उनके विग्रहों को सुरक्षित रखवा दिया गया है. मंदिर परिसर में बनने वाले अन्य छोटे मंदिरों मे इन विग्रहों को पुर्नस्थापित किया जाएगा.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा कल ही श्रीराम मंदिर निर्माण से जुड़े सभी ज़रूरी दस्तावेज अयोध्या विकास प्राधिकरण को सौंपे गए हैं. राम मंदिर का मूल नक्शा बड़ी मेज के आकार का है. इससे साथ कई छोटे-छोटे नक्शे भी हैं, जिनमें श्रीराम जन्मभूमि की जमीन पर प्रस्तावित योजनाओें को दर्शाया गया है. पांच एकड़ क्षेत्र में बनने वाले राम मंदिर भवन के नक्शे में निर्माण की लंबाई, चौड़ाई, ऊँचाई आदि का विवरण है. मंदिर परिसर के 70 एकड़ क्षेत्र के लेआउट नक्शे की स्वीकृति के लिए विकास शुल्क के तौर पर कुछ अग्रिम धनराशि भी अयोध्या विकास प्राधिकरण में जमा की गई है.