आज से श्रद्धालुओं के लिए खुला पद्मनाभ स्वामी मंदिर, हाल ही में आया था सुप्रीम कोर्ट का फैसला

भगवान पद्मनाभ स्वामी के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है कि तिरुवनंतपुरम के प्रसिद्ध पद्मनाभ स्वामी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए आज यानि 26 अगस्त से खोल दिया गया है। कोरोना संकट के चलते पद्मनाभ स्वामी मंदिर में 21 मार्च से श्रद्धालुओं के आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस कारण पिछले करीब पांच महीनों से श्रद्धालु भगवान पद्मनाभ स्वामी के दर्शन नहीं कर पा रहे थे। हालांकि अब मंदिर की प्रबंधन समिति ने कुछ शर्तों के साथ श्रद्धालुओं को भगवान पद्मनाभ स्वामी के दर्शन करने की अनुमति देने का फैसला किया है।

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मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से जारी सूचना के अनुसार श्रद्धालुओं को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक और शाम को 5 बजे से 6:45 तक मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर में एक बार में अधिकतम 35 श्रद्धालु ही प्रवेश कर पाएंगे। साथ ही एक दिन में अधिकतम 665 श्रद्धालु ही मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे। श्रद्धालुओं को भगवान पद्मनाभ स्वामी के दर्शन करने के लिए एक दिन पहले शाम 5 बजे तक मंदिर की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। इसके अलावा मंदिर में प्रवेश करते समय श्रद्धालु के पास आधार कार्ड और ऑनलाइन बुकिंग की प्रति होना जरूरी है। श्रद्धालु के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है। उन्हें साबुन से हाथ धोना होगा और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा।

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बता दें कि प्रसिद्ध पद्मनाभ स्वामी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। देशभर के श्रद्धालुओं की भगवान पद्मनाभ स्वामी के प्रति गहरी आस्था है। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पद्मनाभ स्वामी मंदिर पहुंचते हैं। मंदिर को 6वीं शताब्दी में त्रावणकोर के राजाओं ने बनवाया था। मंदिर के अंदर 7 तहखाने बने हुए हैं। इनमें से 6 तहखानों को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में खोला जा चुका है। इन तहखानों से 1 लाख करोड़ से ज्यादा कीमत के सोने-हीरे के आभूषण मिले थे। हालांकि जब अधिकारियों ने सातवां तहखाना खोलने की कोशिश की तो उसके दरवाजे पर बनी नाग की भव्य आकृति को देखकर काम रोक दिया गया। कई श्रद्धालुओं का मानना है कि सातवें तहखाने को खोलना अशुभ होगा। मान्यता है कि अब तक कई लोगों ने 7वें दरवाजे को खोलने की कोशिश की, लेकिन जहरीले सांपों के द्वारा काटने का हादसा हो चुका है ।