नवंबर में अबतक 2.25 लाख यात्रियों ने हवाई यात्रा की…अभी भी महीने में कुछ दिन हैं बाकी   

साल 2020 अगर किसी के नाम रहा है तो वह है कोरोना. इस कोरोना महामारी के वजह से कई देशों को पहली बार लॉकडाउन का सामना करना पड़ा. हमारा देश भी इस सूची में शुमार है. ज़्यादातर लोगों का काम धंधा ठप्प हो गया. सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना रोज कमाने खाने वालों को करना पड़ा. अब जब लॉकडाउन, अनलॉक हो गया है, लोगों ने फिर से सड़को पर दौड़ना शुरू कर दिया है. ज़िदगी पटरी पर लौट तो रही है, पर कुछ अलग अंदाज से. अब लोग मुंह पर मास्क लगाए हुए दिखाई देते हैं. कह सकते हैं कि मास्क अब मोबाईल जी तरह इंसान के जीवन का हिस्सा बन गया है.

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शायद आपको याद होगा कि जब कोरोना ने भारत में दस्तक दी थी, तब भारतीय सरकार ने सबसे पहले वीज़ा स्सपेंड किया था, जिससे विदेशी यात्री न आ सके. और फिर 23 मार्च से 25 मार्च के बीच विदेशी व डॉमेस्टिक फ्लाइट्स रद्द की गईं थी.

25 मई को फिर से फ्लाइट्स की शुरूआत हुई. शुरूआत में यात्रियों की संख्या में कमी देखी गई. और अब हालात ऐसे हैं कि ज्यादातर लोग कम समय में अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचना चाहते हैं. अर्थात लोग हवाई यात्रा कर रहे हैं. ICICI बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, जून के महीने में 65 हजार यात्रियों ने हवाई यात्रा की, वहीं नवंबर में यात्रियों की संख्या ( 2.25 लाख ) में इजाफा हुआ है.  नंवबर अभी तक खत्म नहीं हुआ है ऐसे में पूरे आसार हैं  संख्या का और बढ़ना.

जानकारी के अनुसार, हमारे देश में हर साल लगभग 14 करोड़ यात्री घरेलू व अंतराष्ट्रीय हवाई यात्रा करते हैं. इस साल कोरोना महामारी के चलते कहानी कुछ अलग है.

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क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने 2020 से 2022 के बीच इंडियन एयरलाइंस कंपनियों को 1.3 लाख करोड़ रुपए के रेवेन्यू का नुक़सान होने का अनुमान लगाया है। हालांकि, ICICI बैंक की रिपोर्ट अब थोड़ी राहत दे रही है.