दो बार कोरोना को मात देकर, दोनों बार डोनेट किया प्लाज़्मा, बने समाज के लिए उदाहरण

कोरोना से बचने के सिर्फ चार उपाय हैं- पहले तो अपने हाथों को सैनिटाइज करते रहें. दूसरा आप घर से बाहर ना निकलें, तीसरा यदि किसी कारण से घर से निकलना होता है तो मुंह पर मास्क ज़रूर लगाएं और चौथा 2 गज की दूरी बनाए रखें या यूँ कहें कि सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन अवश्य करें. आज के इस आर्टिकल में हम बात कर रहे हैं एक ऐसे योद्धा की जिन्होंने दो बार कोरोना को मात दी और दो बार प्लाज्मा भी डोनेट किया.

39 साल के दिनेश तिवारी बताते हैं कि अक्टूबर 2020 में उन्हें और उनकी पत्नी सविता तिवारी को पहली बार कोरोना हुआ था, और फिर दूसरी बार फरवरी में इन्हें कोरोना हुआ. डॉक्टर की सलाह पर वे आइसोलेट हो गए और दवाइयों का पूरा कोर्स किया . उन्हें ठीक होने में दस दिन लगे. महामारी की इस लहर को देखते हुए हाल ही में दिनेश जी ने जनकपुरी स्थित माता चानन देवी अस्पताल में जाकर दूसरी बार प्लाज्मा डोनेट किया.

दिनेश जी को दो बार कोरोना हुआ और दो बार प्लाज्मा डोनेट करने के बावजूद उनमें आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं है. दिनेश जी कहते हैं कि उनकी तरह लोग आगे आएं और इस संकट काल में हम सब को एक दूसरे के साथ खड़े रहना चाहिए, जिन्हें प्लाज्मा की ज़रूरत है उनके लिए प्लाज्मा डोनेट करना चाहिए.

इस संकट के दौर में हम सभी के पास एक ऐसा अवसर है जिससे हम दूसरे की मदद कर खुद के लिए, परिवार के लिए, दोस्तों और समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बन सकते हैं, और हमारा ये कदम उन्हें भी प्रेरणा देगा, जैसा की दिनेश जी कर रहे हैं. हम सभी उस समय का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जब सभी पहले की तरह आजादी से घूम सकें, पर इसके लिए अभी हमें कोविड19 की सभी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना है.