राम लला परिसर में लगेंगी पत्थर तराशने वाली बड़ी मशीनें, ज़मीन के नीचे तैयार होंगे 1200 पिलर

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है. अब राम जन्मभूमि के मंदिर निर्माण के लिए दूसरी मंजिल के लिए पत्थरों की तराशी रामलला के परिसर में ही होगी. और पत्थर तराशी के लिए जो कार्यशाला होगी, उसे भी राम जन्मभूमि परिसर में ही बनाया जायेगा. इससे रामलला के मंदिर में लगने वाले पत्थरों को लाने और ले जाने का समय तो बचेगा ही साथ ही मंदिर परिसर में ही पत्थरों की तराशी का काम मंदिर निर्माण में जरूरत के हिसाब से हो जायेगा. इसके अलावा पत्थरों की तराशी करने वाली मशीनों को भी रामलला परिसर में ही लगाया जाएगा.

रामलला के परिसर में रखे पहली मंजिल के पत्थरों की तराशी कंप्लीट हो चुकी है. इन पत्थरों को अब नींव खुदने के साथ ही रामलला के गर्भ गृह में पहुंचाने का काम किया जाएगा. जल्द ही भगवान के गर्भ गृह के लिए चिन्हित स्थल पर ज़मीन के नीचे 1200 पिलर तैयार करने के बाद नींव खुदने का काम शुरू होगा.

जानकारी के अनुसार राम मंदिर निर्माण के लिए राम मंदिर के प्रथम तल के पत्थरों की तराशी का कार्य पूरा हो चुका है. और इन पत्थरों की तराशी के बाद सफाई का काम भी शुरू कर दिया गया है. पत्थर अब रामलला के परिसर में मंदिर की नींव खुदने के साथ ही भेजे जाएंगे.

जानकारी के अनुसार पहली मंजिल के पत्थरों की तराशी का कार्य पूरा हो चुका है और पहुंचाने के उपरांत दूसरी मंजिल के पत्थरों की तराशी भी होनी है. रामलला के परिसर में 1992 में भी ये कार्यशाला चल रही थी. और अब मंदिर निर्माण में यदि शीघ्रता चाहिए तो फिर कार्यशाला का निर्माण मंदिर के परिसर में ही करना पड़ेगा. इसी के चलते ये निर्णय लिया गया है.