पांच नदियों और कई तीर्थों की मिट्टी लायी जायेगी भूमि पूजन के लिए

राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए जोर शोर से तैयारियां चल रहीं हैं. आगामी 5 अगस्त को वह शुभ घड़ी आने वाली है, जिसके बाद वर्षों से राम भक्तों की, अपने प्रभु के दर्शनों के लिए जो प्रतीक्षा चल रही थी वो समाप्त हो जाएगी. भूमि पूजन के इस कार्यक्रम को सनातन धर्म के पूरे रीति रिवाजों के साथ संपन्न किया जायेगा. जिसके लिए पांच नदियों का जल और कई तीर्थों की मिट्टी उपयोग में लाई जायेगी.

जानकारी के अनुसार गुजरात के 912 तीर्थ स्थानों से मिट्टी लेकर विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ता अयोध्या के लिए रवाना हो चुके हैं. देश के बाकी तीर्थ स्थानों से भी मिट्टी लायी जा रही है, और विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ता इस मिट्टी को लेकर गुजरात पहुंचेंगे. भारतवर्ष की पांच पवित्र नदियों का नदियों का जल भी इस भूमि पूजन के लिए उपयोग किया जायेगा, और वैदिक तरीके से इस पूरे कार्यक्रम को संपन्न किया जाएगा. पूरे देश के जाने माने ज्योतिषाचार्य और प्रकांड विद्वानों की सहमति से ये कार्यक्रम हो रहा है. काशी से आये ज्योतिषाचार्य अयोध्या में इस भूमिपूजन को विधि विधान के साथ करवाएंगे.5 अगस्त को प्रमुख पूजन होगा, जिसके तहत भूमि पूजन और शिलान्यास की विधि संपन्न होगी. और हवन पूजन तो 3 अगस्त से शुरू हो जाएगा, जो लगातार 5 अगस्त तक चलता रहेगा. बहुत लम्बी प्रतीक्षा के बाद आये ख़ुशी के इस अवसर पर कोई भी कमी ना रहे, इस बात की पूरी तैयारी कर ली गई है. बड़े बड़े अधिकारियों की नज़र इस कार्यक्रम की तैयारियों पर बनी हुई है, इसी के चलते कल उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी ने भी अयोध्या का दौरा किया था, और 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी के साथ वो भी मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे.