धरती माँ के सच्चे सपूत थे सरदार भगतसिंह
‘दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त, मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी’, ये पंक्तियाँ उस महान […]
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