उत्तराखंड के चारधाम के कपाट हुए बंद… बद्रीनाथ धाम के कपाट कल ही हुए हैं बंद

उत्तराखंड में उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जा चुके हैं. केदारनाथ मंदिर के साथ यमनोत्रि, गंगोत्री और बद्रीनाथ धाम के कपाट भी बंद किए जा चुके हैं. आपको बता दें कि बद्रीनाथ धाम के कपाट 19 तारीख यानि कल ही बंद हुए हैं. कोरोना महामारी के चलते इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट देखी गई है. जानकारी के अनुसार, पिछले साल 9.5 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आए थे वहीं इस साल श्रद्धालुओं की संख्या का आँकड़ा 1.35 लाख ही रहा. इस वर्ष इतनी कम संख्या होने के पीछे विश्व भर में फ़ैली कोरोना महामारी भी एक बड़ी वजह रही है.

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साल 2013 में प्राकृतिक आपदा की वजह से हुई भीषण त्रासदी को आज तक कोई नहीं भूल सका है. जानकारी के अनुसार उस भयावह घटना के तुरंत बाद यानि अगले वर्ष 2014 में लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने केदारनाथ के दर्शन किए. और उसके बाद फिर से साल दर साल यह आँकड़ा बढ़ता गया.

साल 2015 से 2020 तक श्रद्धालुओं की संख्या इस प्रकार रही…

2015 में श्रद्धालुओं की संख्या थी 1.54 लाख
2016 में श्रद्धालुओं की संख्या 3.30 लाख,
2017 में श्रद्धालुओं की संख्या 4.71 लाख और
2018 में श्रद्धालुओं की संख्या 7.32 लाख,
2019 में श्रद्धालुओं की संख्या 9.5 लाख, जो सबसे ज़्यादा है, इस साल की संख्या का रिकॉर्ड अबतक नहीं टूटा है.
2020 में श्रद्धालुओ की सख्या महज़ 1.35 लाख रही. जानकारी के अनुसार इस बार स्थानीय लोगों की संख्या ज्यादा रही. और शायद कोरोना महामारी न होती तो श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बन सकता था.

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अब अक्षय तृतीया के दिन यानी लगभग 6 महीने के बाद मंदिर के कपाट खुलेंगे. एक विशेष जानकारी देना चाहेंगे कि मंदिर के बंद होने से पहले मंदिर में एक बड़े दिए को जला कर रखा जाता है. और आश्चर्य की बात है कि 6 महीने बाद जब मंदिर खोला जाएगा तब तक ये दिया जलता रहेगा. गौर करने वाली बात यह है, कि शीतकाल में मंदिर को चारों ओर से बर्फ की चादर घेर लेती है उसके बावजूद दिया जलता रहता है.