योगी सरकार का बड़ा फैसला, भगवान श्रीराम के नाम पर होगा अयोध्या एअरपोर्ट का नाम

5 अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों से हुए राम जन्मभूमि के भूमिपूजन के बाद उत्तरप्रदेश सरकार बहुत तेज़ी से अयोध्या नगरी के विकास कार्य में जुट गई है. और वहां कई बड़ी बड़ी परियोजनाएं शुरू की गईं है. इसी क्रम में अब उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है, जिसके अनुसार अयोध्या एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के नाम पर रखा जाएगा. आने वाले समय में अयोध्या एअरपोर्ट पर देश विदेश से लाखों श्रद्धालु आयेंगे, इसलिए भविष्य में इस एअरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिया जाएगा. इसके लिए एयरपोर्ट के दायरे बढ़ाने का प्रस्ताव है और इंफ्रास्ट्रक्चर भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के स्तर का तैयार किया जा रहा है.

योगी सरकार ने नाम बदलने और एयरपोर्ट का दायरा बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है. सरकार ने एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की भी कवायद शुरू कर दी है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अगले वर्ष यानि 2021 में एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने की योजना है. माना जा रहा है कि राम मंदिर बनने के बाद यहां राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी. इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने एयरपोर्ट को और विस्तार देने की योजना बनाई है

अयोध्या एअरपोर्ट के विकासक्रम में शासन ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को अयोध्या में हवाई पट्टी को पहले चरण में 180 से 200 सीटर हवाई जहाजों के संचालन और दूसरे चरण में बड़े आकार के बोइंग-777 हवाई जहाज के संचालन के योग्य बनाने का आग्रह किया है.

जानकारी के अनुसार अयोध्या में बनने वाले एअरपोर्ट पर रन-वे की लंबाई 3125 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी. दूसरे चरण में बोइंग 777 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए 122.87 एकड़ जमीन की अतिरिक्त आवश्यकता होगी. बोइंग 777 के लिए रन-वे की लंबाई 3750 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी.

एयरपोर्ट के संचालन और सुरक्षा से जुड़े कर्मियों के आवासीय क्षेत्र के लिए भी एयरपोर्ट के आसपास 15 एकड़ भूमि भी मुहैया की जायेगी. जिसके चलते एयरपोर्ट के लिए कुल 600 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी. एयरपोर्ट को फिलहाल अंतर्राष्ट्रीय स्तर का दर्जा नहीं मिला है, लेकिन प्रदेश सरकार एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के अनुसार ही तैयार करा रही है। सरकार का प्रयास है कि कुशीनगर की तरह अयोध्या एयरपोर्ट को भी संचालन शुरू होने से पहले अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा मिल जाए.