नवरात्रि का व्रत और नीम की पत्तियों का सेवन, तन और मन दोनों स्वस्थ

13 अप्रैल मंगलवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूरे विधि विधान के साथ पूजा की जाती है. आज नवरात्र का तीसर दिन है इस दिन माता चंद्रघंटा की पूजा होती है.

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नवरात्र समारोह का अर्थ है नौ दिन के कोषेर भोजन. इस का यह मतलब है कि जहां कुछ लोग नमक रहित, व्रत का खाना खाते हैं, वहीं कई ऐसे भी हैं जो व्रत के दिनों में फलों से लेकर पानी तक के आहार का सेवन करते हैं. जबकि कुछ महिलाएं धार्मिक कारणों से नियमित भोजन से परहेज करती हैं, वहीं कुछ ऐसे भी लोग है जो वजन कम करने के लिए इन नौ दिन का व्रत करते हैं.

चैत्र नवरात्र में नौ दिनों तक विधि विधान के साथ पूजा होती है. इसके साथ ही नीम के पत्ते खाने की भी परंपरा है. आयुर्वेद के हिसाब से नीम कई बीमारियों के लिए रामबाण है. जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इस समय मौसम बसंत ऋतु से ग्रीष्म ऋतु में प्रवेश कर गया है. ऐसे में अगर आप हरे नीम के पत्तों का सेवन करते है तो लाल रंग दिखाकर बीमारियों को खुद के पास आने से रोक सकते हैं. इस समय कोरोना काल चल रहा है ऐसे में नीम को हमें अपने जीवन में अनिवार्य कर लेना चाहिए. क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही से सर्दी-जुकाम, बुखार, पेट दर्द, या कोरोना के चपेट में आ सकते हैं. हर बीमारी से बचने के लिए नीम का सेवन करें, इनका कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं है.

नीम में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, खनिज तत्व जैसे कैल्शियम, लोहा, विटामिन A और C आदि होते हैं. ये सभी तत्व हमें बीमार करने वाले रोगाणुओं की रोकथाम करते हैं. हमारी इम्युनिटी बढ़ाते हैं. अभी फिलहाल जो माहौल चल रहा है ऐसे में नीम का सेवन करें, इससे इम्युनिटी बेहतर होगी. इससे आप स्वस्थ रहेंगे और कार्य भी सकारात्मक होंगे. अर्थात इस नवरात्र माता जी की पूजा सच्चे मन से करें और नीम का सेवन करने की आदत डालें.