पहली बार अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्मस्थान की तस्वीरें आईं सामने

श्रीराम जन्मभूमि पर बनने जा रहे भव्य मंदिर का भूमिपूजन जल्दी ही होने जा रहा है। ऐसे में सभी राम भक्तों में यह उत्सुकता बनी हुई है, कि वो कौन सा स्थान है जहाँ प्रधानमंत्री मोदी पूजन करके श्रीराम मंदिर की आधारशिला रखेंगे। क्योंकि रामलला के दर्शन तो कई बार भक्तों ने किए हैं, लेकिन उस मूल स्थान के बारे में कम ही लोग जानते हैं, जहाँ भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। हाल ही में ज़ी न्यूज ने उस स्थान की तस्वीरें अपने चैनल के माध्यम से दर्शकों तक पहुँचाई हैं, जहाँ भगवान श्रीराम जन्मे थे। यही वह जगह है, जहाँ पीएम मोदी पूजा-अर्चना के पश्चात श्रीराम मंदिर की आधारशिला रखेंगे।ImageSource

फिलहाल इस स्थान पर एक पत्थर को अस्थायी रूप से रखा गया है। और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर जागृत स्थान की ही तरह यहाँ भी एक अखंड ज्योत जलाई गई है।

सर्व विदित है, कि अयोध्या नगरी सरयू नदी के तट पर बसी हुई है, इसी नगरी में भगवान श्रीराम ने त्रेता युग में जन्म लिया था। श्रीराम ने त्रेता युग में रावण समेत कई दुराचारी राक्षसों का नाश करके राम राज्य की स्थापना की थी। मान्यता है कि अयोध्या को भगवान श्रीराम के पूर्वज विवस्वान के पुत्र वैवस्वत मनु ने बसाया था। इसके बाद से ही इस पावन नगरी पर सूर्यवंशी राजाओं का शासन महाभारत काल तक रहा।

भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या की तुलना महर्षि वाल्मिकी ने इंद्रलोक से की है। वाल्मिकी रामायण में अयोध्या के सुंदर भवन और प्राकृतिक छटा का वर्णन मिलता है। ImageSource

कालांतर में उज्जैन के प्रसिद्ध राजा विक्रमादित्य आखेट करते हुए, अयोध्या पहुँच गए थे। थकान मिटाने के लिए उन्होंने सरयू नदी के तट पर एक स्थान को चुना। इस दौरान उन्हें इस स्थान की दिव्यता का आभास हुआ। जब इस बारे में राजा विक्रमादित्य ने स्थानीय संतों से पूछा तो उन्हें पता चल कि ये पावन नगरी अवध (अयोध्या) है। सम्राट विक्रमादित्य ने तत्पश्चात उन संत-महात्माओं के निर्देश पर यहाँ काले रंग के कसौटी पत्थरों पर 84 स्तंभों वाला भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया था। अब एक बार फिर भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनने जा रहा है।